तुम आओ कभी….सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….

सपनों से निकल हक़ीक़त बन आओ कभी…
अपने दिल से तुम मुझे पास बुलाओ कभी…

दूर से मुस्कुरा के और ना तड़पाओ मुझे…
दामन अपने में छुपा के सहलाओ कभी…

बन के चाहत हर पल संवारते हो मेरे….
उर मेरे में विचर के पायल छनकाओ कभी…

नहीं कोई भी जहाँ में है तुमसा प्यारा….
प्यार मेरा हो मेरे लिए भी आओ कभी…

हर सजा तेरी कबूल है मुझे सनम….
हक़ जता के सजा अपनी सुनाओ कभी…

ज़िन्दगी कब बिखर जाए क्या पता…
शामें जीवन में सहर बन के आओ कभी…

है अधूरा बेसुरा सा मेरा जीवन संगीत….
हंसी अपनी से सरगम मेरी सजाओ कभी….

नहीं है आता मुझे प्यार जताना ए सनम….
प्यार की देवी मुझे प्यार सिखाओ कभी…

बहुत है रोएं ज़िन्दगी में तन्हा तन्हा…
बन के किस्मत गले अपने लगाओ कभी…

हर पल तेरे दीदार को तरसे ये मेरी प्यासी आँखें….
रगों में बहाकर अपने लहू को मुझे नहलाओ कभी…

कौन देता है साथ उम्र भर “चन्दर” कहाँ कभी…
साँसों में बस के मेरी उम्र बढाओ कभी…

\
/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)….

18 Comments

  1. Uttam Uttam 04/11/2016
    • babucm babucm 05/11/2016
  2. ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 04/11/2016
    • babucm babucm 05/11/2016
  3. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 04/11/2016
    • babucm babucm 05/11/2016
  4. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 04/11/2016
    • babucm babucm 05/11/2016
  5. mani mani 05/11/2016
    • babucm babucm 05/11/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 05/11/2016
    • babucm babucm 05/11/2016
    • babucm babucm 06/11/2016
  7. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 06/11/2016
  8. babucm babucm 06/11/2016
  9. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 06/11/2016
  10. babucm babucm 06/11/2016

Leave a Reply