रहम कर

अरे ओ जाने वाली हवा, सुन ज़रा
इन बिखरी यादो को समेट ले ज़रा
बहुत सताती है ये तेरे जाने के बाद
वफ़ा के नाते रहम कर हम पर जरा !!

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डी. के. निवातियाँ

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 08/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/11/2016
  2. C.M. Sharma babucm 08/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/11/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 08/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/11/2016
  4. mani mani 09/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/11/2016
  5. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 09/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/11/2016
  6. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 10/11/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/11/2016

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