इल्जाम ऐ बेवफाई—शेर —डी के निवातियाँ

ऐ जिंदगी किस मोड़ पर तू ले आयी
ना मैं खुद का रहा न किसी और का !!

!

दोष किस्मत का कहे या फिर कमी खुद की  
मुहब्बत को सुना बहुत, आँखे दो-चार न हुई !!

जिंदगी के मोड़ पर बड़े अजीब दौर से गुजरे हम
पाक ऐ दामन के बदले इल्जाम ऐ बेवफाई मिली !!


सह लेते दर्द ऐ बेवफाई भी बड़े शौक से हम
कमबख्त दो पल की वफ़ा कर जाता कोई !!

याराना हो गया है अपना वीरानियों से
खण्डहर सा हो गया है ये दिल जब से !!

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@______डी के निवातियाँ______@

16 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016
  2. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 03/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016
  3. mani mani 03/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016
  4. babucm babucm 03/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016
  5. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 04/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016
  6. Uttam Uttam 04/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016
  7. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 04/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016
    • निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 07/11/2016

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