४३. दिल आ गया जिसपे……….|गीत| “मनोज कुमार”

दिल आ गया जिसपे वो है मासूम सा चेहरा
बड़ा शर्मीला है वो तो खिला है फूल सा चेहरा
तरन्नुम सी आवाजें हैं मगर खामोश है चेहरा
नही कोई और है ऐसा वही है चाँद सा चेहरा

दिल आ गया जिसपे ……………………………………..चाँद सा चेहरा

कोई गहना नही जिसपे मगर खिलता है वो चेहरा
भले वो सामने ना हो मगर दिखता है वो चेहरा
हँसी जिसकी मनोहर है वही भाये हमें चेहरा
तेरी नींदें उडाऊँ में मुझी से कहता है चेहरा

दिल आ गया जिसपे ……………………………………..चाँद सा चेहरा

मुझको जो सताता है रिझाता है वही चेहरा
उड़ जिसकी रहीं जूल्फें लाया वो घटा चेहरा
दिल जब जोर से धड़के आये जब सामने चेहरा
चलाके तीरनयन से वो करे ज़ख्मी मुझे चेहरा

दिल आ गया जिसपे ……………………………………..चाँद सा चेहरा

बड़ा ही शान्त सा लागे मगर चितचोर है चेहरा
चला वो दूर भी जाये मगर वो पास है चेहरा
हुआ जिसका दीवाना दिल वही इक खास है चेहरा
उसी के ख्याल में डूबा वही इक साथ है चेहरा

दिल आ गया जिसपे ……………………………………..चाँद सा चेहरा

“मनोज कुमार”

10 Comments

  1. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 03/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 04/11/2016
  2. C.M. Sharma babucm 03/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 04/11/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 03/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 04/11/2016
  4. mani mani 03/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 04/11/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 03/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 04/11/2016

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