साधन से ज़्यादा साथ ज़रुरी – अनु महेश्वरी

न शिकवा करें,
न शिकायत करें,
साधन से ज़्यादा साथ ज़रुरी होता है।

न कभी रूठे रहें,
न खामोश रहें,
बातों से अपनी खुशहाल ये ज़िंदगी है।

खुद का प्रकाश खुद बने,
जैसा आए पल जिया करें,
फ़िक्र किस बात की जब अपनों का साथ है।

न शिकवा करें,
न शिकायत करें,
साधन से ज़्यादा साथ ज़रुरी होता है।

“अनु महेश्वरी”
चेन्नई

12 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 02/11/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/11/2016
  2. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 02/11/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/11/2016
  3. mani mani 02/11/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/11/2016
  4. babucm babucm 02/11/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/11/2016
  5. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 02/11/2016
  6. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
    • ANU MAHESHWARI ANU MAHESHWARI 03/11/2016

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