विश्वासघात

भगवन अब तो आओ इस धरती पर,
घोर कलयुग फिर से आया है,
एक माँ ने ही अपने बेटे के,
पीठ पर वार कराया है,
जिस बेटे ने पूजा था माँ को,
उस माँ ने ही विश्वास का,
गला आज दबाया है,
माँ ने बेटी के साथ मिलकर,
एक गन्दा खेल रचाया है,
एक माँ ने बेटे को,
तो बहन ने छल से भाई को,
दुःख का नीर पिलाया है,
पैसे और मकान के लालच में,
पवित्र रिश्ते को दांव पर लगाया है,
अब से पहले सिर्फ सुना यही था,
कि पूत कपूत सुने बहुत है,
पर माता नहीं होती है कुमाता,
पर इस कलयुग में कुछ माँओं ने,
इस कहावत को असत्य बनाया है,
अपने ही खून से दगा किया है,
और बेटे को खून के आँसू रुलाया है,
भगवन अब तो आओ इस धरती पर,
घोर कलयुग फिर से आया है,
By:Dr Swati Gupta

13 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 01/11/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/11/2016
  2. babucm babucm 01/11/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/11/2016
  3. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 01/11/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/11/2016
  4. mani mani 01/11/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/11/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/11/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 02/11/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 02/11/2016
  6. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016

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