नरक चौदस

Happy Narak Chaudas ?..

दीपावली से एक दिन पहले आता है,
नरक चतुर्दशी का त्यौहार,
कार्तिक कृष्ण चतुर्दशी को,
हम मनाते हैं ये त्यौहार,
नरकासुर एक राक्षस था,
जिससे दुखी था संसार,
बनाकर बंदी सोलह हजार कन्याओं को,
एक बार उसने किया था ये घोर पाप,
दुखी थी सारी कन्यायें बेचारी,
इसलिए आहवान कृष्ण का करने लगीं,
प्रभु आकर बचाओ लाज हमारी,
कृष्ण ने वध किया तब नरकासुर का,
और पाप का अंत किया,
कन्याओं को चिंता थी ये,
बन्दी रहीं वो सब एक राक्षस की,
इसलिये कोई और न उन्हें स्वीकारेगा,
विनती की उन्होंने कृष्ण से तब,
हम सारी आपकी शरण में आयी हैं,
कृपा करदो हम पर इतनी,
हमको दो मुक्ति का द्वार,
सम्मान दिलाया कृष्ण ने उनको,
करके उन सब से स्वयं विवाह।
प्रभु की शरण में जो भी जाता है,
छूट जाता है भव बंधन से,
पा लेता है मुक्ति का द्वार।
इसी ख़ुशी में मनाते हैं,
हम सब ये पावन त्यौहार।
By: Dr Swati Gupta

11 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 29/10/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 29/10/2016
  2. C.M. Sharma babucm 29/10/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 29/10/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 29/10/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 29/10/2016
  4. Kajalsoni 29/10/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 29/10/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 29/10/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 29/10/2016

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