अब तो हो गयी है……|गीत| “मनोज कुमार”

अब तो हो गयी है तू तो निहाल
करके हाथों को अपने लाल
मुझे बर्बाद करके, मुझे तू तबाह करके
अब तो हो गयी है तू तो खुशहाल
लेके पूरे के पूरे सात
मुझे बर्बाद करके, मुझे तू तबाह करके

अब तो हो गयी है तू तो निहाल……………….

होजा बदनाम ना तू कहीं
छोड़ आये हैं तेरी गली
छुपा के सारे गम आये है
होठों पे झूठी मुस्काँ लाये है
कहीं तुझपे लगा दें ना इल्जाम
कोई शिकवा नही है फिलहाल

अब तो हो गयी है तू तो निहाल……………….

बैठे तुम बिन हैं तन्हा मगर
अश्क अब मैं पियूँगा उम्र भर
होने दूंगा महोब्बत ना रुसवा
रहेगी ये महोब्बत उम्र भर
हर मोड़ पे पाओगी मेरी जान
कभी खुशियाँ ना होंगी वीरान

अब तो हो गयी है तू तो निहाल……………….

भूल जायेगी तू एक दिन
वो महोब्बत गली रात दिन
मिट जायेगी सब करवटों में
गुजरी थी जो जवानी वफ़ा में
मेरे दिल की बनेगी तू किताब
जिसे पढ़के हो जाऊँ मालामाल

अब तो हो गयी है तू तो निहाल……………….

“मनोज कुमार”

10 Comments

  1. babucm babucm 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
  2. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
  3. Kajalsoni 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016
  4. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 28/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 02/11/2016

Leave a Reply