अलविदा गीत

बीती यादों को दिल मे सँजोते हुए
बीते लम्हों को पलकों मे समेटे हुए
अपने कारवां से यूं अलविदा
कहो न दोस्तों खुश रहो दोस्तों
खुश रहो दोस्तों खुश रहो दोस्तों ।

नई मंजिल की नई राहों मे जाना है हमें
एक नया कारवां फिर सजाना है हमे
पथ काँटों भरा मिलेगा तो क्या
काँटों से भी गुजर का जाना है हमें
हमारे जाने का ग़म न करो दोस्तों
खुश रहो दोस्तों खुश रहो दोस्तों ।

यादें तुम्हारी सहारा बनेगी
राहों मे रोशन उजाला बनेगी
तन्हाइयों मे जब पुकारेगा दिल
यादें महफिल का नजारा बनेगी
जिंदगी भर हमें अपना कहो दोस्तों
खुश रहो दोस्तों खुश रहो दोस्तों ।

जीत का जश्न दिल से मनाना मगर
हार जाने पे आँसू बहाना नहीं
हार मे है छुपी जीत की चाँदनी
जिंदगी मे कभी भूल जाना नहीं
सारी दुनिया से बस ये कहो दोस्तों
खुश रहो दोस्तों खुश रहो दोस्तों ।
………………….देवेंद्र प्रताप वर्मा”विनीत”

6 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/10/2016
  2. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 27/10/2016
  3. C.M. Sharma babucm 27/10/2016
  4. mani mani 27/10/2016
  5. Kajalsoni 27/10/2016

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