तुझसे मेरी उलफत के फसाने बहुत हैं

“जमाने भर की खुशी देने का वादा किया था मैंने
एक मुस्कान भी उसके होठों पे ला नही पाया कभी “
ए जिंदगी तुझको तेरी खुशियाँ मुबारक हो
मेरे लिए ग़म के सहारे बहुत हैं ।
दुनियावालों के दिलासों पर भरोसा नहीं मुझको
इनके रहमो ने उजाड़े आशियाने बहुत हैं ।
मेरे हमराज़ तुझे इस हाल मे तड़पता छोड़ दूँ कैसे
तुझसे मेरी उलफत के फसाने बहुत हैं ।
चाँदनी साथ न दे भी तो कोई बात नहीं
मेरे दामन मे चमकते सितारे बहुत है।
………………..देवेंद्र प्रताप वर्मा”विनीत”

5 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/10/2016
  2. babucm babucm 26/10/2016
  3. sarvajit singh sarvajit singh 26/10/2016
  4. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 26/10/2016

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