सरहद कि हलचल —डी के निवातियाँ

आज चर्चे है सारे देश में
सरहद पर हो रही हलचल की।
कर जीवन अर्पण सेवा में
जौहर दिखा रही सेना थल की ।
दुश्मन को याद दिला रहे
कई बार धुल चटाई तुम्हे थल की।
हम रक्षक अपने देश के
करते रखवाली अपनी सरहद की ।
सारी दुनिया लोहा माने
दिख रही तस्वीर उभरते कल की !
नेतागण रोटियाँ सेंक रहे
वोटो की खातिर अपने दल की।
शर्म लाज सब त्याग दिये
भूल रहे कहानी जीवन अर्पण की।
जागो मेरे देश के नेताओं
छोडो राजनीति दोषारोपण की ।
वक्त आया है चमकने का
तुम बनो पहचान आते कल की।
मिटा कर सरहदे दिल की
दिखा दो इस दुनिया को भारत ही है शान कल -आज और कल की !!



डी के निवातिया ______।।।

10 Comments

  1. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 26/10/2016
  2. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/10/2016
  3. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 26/10/2016
  4. babucm babucm 26/10/2016
  5. sarvajit singh sarvajit singh 26/10/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 27/10/2016
  7. Markand Dave Markand Dave 27/10/2016
  8. mani mani 27/10/2016
  9. Kajalsoni 27/10/2016

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