“फिर मिलते हैं”

लम्बी खामोशी के बाद
एक दिन आवाज आई
“चलो फिर मिलते हैं’
तीर सी सिहरन
समूचे वजूद को सिहरा गई
कुछ देर की चुप्पी
और अन्तस् से एक आवाज उभरी
ऐसा है – “वक्त गुजर गया”
अब की बार नही
अगली  बार मिलेंगे
बहुत काम बाकी हैं
जो हमारे साझी थे
कुछ मेरे और कुछ तुम्हारे
तुम्हारे पास शायद फुर्सत है
कुछ पुनरावलोकन कर लो
अगली बार ऐसा करना
मेरे और तुम्हारे काम साझा करना
अगर उसने चाहा तो
तो एक बार और सही
“चलो फिर मिलते हैं .”

XXXXX

“मीना भारद्वाज”

15 Comments

  1. babucm babucm 23/10/2016
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/10/2016
  2. mani mani 23/10/2016
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/10/2016
  3. Manjusha Manjusha 23/10/2016
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 23/10/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 23/10/2016
  5. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 24/10/2016
  6. Kajalsoni 24/10/2016
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 24/10/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/10/2016
    • Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 24/10/2016
  8. vijay kumar singh 25/10/2016
  9. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 26/10/2016

Leave a Reply