जल रहा हैं हिन्दुस्तान

“आरक्षण की आग मे जल रहा हैं हिन्दुस्तान”,
शिक्षा नौकरी पाने को बिक रहे हैं कई मकान,
ठोकरे मिलती हैं यहा मिलता नही हैं ग्यान…. “आरक्षण की आग मे जल रहा हैं हिन्दुस्तान” ||1||
नेता कर रहे उन वीर जवानो का अपमान
मांग रहे हैं उनकी विरता का प्रमाण,
कुछ लोग भटका रहे  युवाओ का ध्यान,
दिला रहे अफ्ज़ल को शहिद का सम्मान….
“सहीष्नुता की आग से जुझ रहा हैं हिन्दुस्तान” ||2||
जाती के आधार पर मिलता रहा यहा ग्यान,
आरक्षण ने ले लिये जाने कितनो के प्राण,
अपराधियों से ज्यादा मर  रहे जहां किसान,
कितने विद्यार्थी तनाव मे ले रहे अपनी जान….
“आरक्षण की आग मे जल रहा हैं हिन्दुस्तान “||3||
अपनी हार पर युं रो पडा हैं पाकिस्तान,
सिपाहीयों के म्रुतदेहों को नही दे रहा पहचाँन,
भेज रहा सरहद पार से मौत का सामान….
“आतंकवाद की आग फैला रहाँ हैं पाकिस्तान “||4||
सही साबित हो रहा हैं मेरा ये अनुमान ,
सुरक्षित हाथों मे आगयी हैं देश की कमान,
मैं उनका प्रशन्सक नही,
हुँ एक आम इंसान,
लग रहा अब पकिस्तान में चलेगा स्वछता अभियान….
“आतंकवाद की आग को बुझाँ रहा है हिन्दुस्तान” ||5||
—–“गौरव बिन्नाणी”

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  1. mani mani 23/10/2016

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