मजबूरीयां – शिशिर मधुकर

जिन्दगी है तो मजबूरीयां भी यहाँ आम है
चाहने भर से तो पूरे होते ना सभी काम हैं
लाख तड़पा करें प्रेमी मिलन की आशा में
सबको हाँसिल कभी होता ना ये मुकाम है

शिशिर मधुकर

8 Comments

  1. babucm babucm 22/10/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/10/2016
  2. mani mani 22/10/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/10/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/10/2016
  3. निवातियाँ डी. के. निवातियाँ डी. के. 22/10/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/10/2016

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