सच वही है सिर्फ़ जिसको ज़िल्ले -सुब्हानी कहें

आग पानी को बताएँ,आग को पानी कहें
आपका क्या,आप मुश्क़िल को भी आसानी कहें
जी में जो आये करें जो मुँह में आये बोल दें
कब तलक करते रहेंगे आप मनमानी कहें
मानने को ही नहीं तैयार है मेरा ज़मीर
आपको हक़ है कि हत्या को भी क़ुर्बानी कहें
आप हमसे चाहते हैं जो वो मुम्किन ही नहीं
आपको मंशा यही है आपको ज्ञानी कहें
जो हमारे मुँह से निकले सबका-सब वो झूठ है
सच वही है सिर्फ़ जिसको ज़िल्ले -सुब्हानी कहें
-सौरभ

3 Comments

  1. babucm babucm 22/10/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/10/2016

Leave a Reply