वो समझे अपनी मंज़िल आसान किया है उसने

स्वर्ग धरापर लाने का एलान कियाहै उसने
तुम्हीं बताओ कोई कम एहसान किया है उसने
इससे बढ़कर क्या सबूत दूँ उसकी नादानी का
अपने मुँह से अपना ही गुणगान किया है उसने
धन दौलत का कोई पारावार नहीं है लेकिन
सबसे सस्तावाला कम्बल दान किया है उसने
भरी सभा में सूरज को जुगनू कह-कहकर कोसा
ऐसा करके अपना ही नुक़्सान किया है उसने
हमें पता है अपने पथ में काँटे ही बोये हैं
वो समझे अपनी मंज़िल आसान किया है उसने
-सौरभ

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  1. C.M. Sharma babucm 22/10/2016

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