३४. तुमसे है ये कैसा नाता …………|गीत | “मनोज कुमार”

तुमसे है ये कैसा नाता दिल को यही तो भाता है
तेरे बिना हम मर जायेंगे मन को तू ही भाता है

तुमसे है ये कैसा……………………………….तू ही भाता है

कटता नही है पल भर भी जब दूर चला तू जाता है
तेरे काँधे पे सो जाऊँ दिल बस यही तो चाहता है
लाती है पैगाम जब धड़कन गीत तेरे दिल गाता है
भूल भूलकर जब मैं भूलूँ फिर भी याद तू आता है

तुमसे है ये कैसा……………………………….तू ही भाता है

बाँध लिया है तुमसे बन्धन जन्म जन्म का नाता है
जब लहराये तेरा आँचल आँखों को गरमाता है
जल जाता हूँ जब में कोई तेरे पास में जाता है
दीवानों सी हालत है दिल दीवाना बन जाता है

तुमसे है ये कैसा……………………………….तू ही भाता है

थरथराते हैं लव मेरे जीने में मजा आता है
उनको जब फरमाना हो तो झोका बन चला आता है
तौबा कैसी मुश्किल है क्यूँ साजन समझ ना पाता है
पलकों के अन्दर की कीमत फिर भी जान ना पाता है

तुमसे है ये कैसा……………………………….तू ही भाता है

“मनोज कुमार”

8 Comments

  1. mani mani 21/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 21/10/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 21/10/2016
  3. C.M. Sharma babucm 21/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 21/10/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/10/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 22/10/2016

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