आज घर पर हमारे भी चाँद आएगा।

भुला कर गिले शिकवे वो प्यार लाएगा
लालिमा अपने चहरे पर वो साथ लाएगा
शीतलता से गर्म स्वभाव को ठंडा कर जायेगा
आज घर पर हमारे भी चाँद आएगा

साथ हूँ मै तूम्हारे आज हमको बताएगा।
एक पल और एक नज़ारा हमे दिखायेगा।
धड़कनें अपनी साथ धड़कायेगा।
आज घर पर हमारे भी चाँद आएगा।

ये माना की थोड़ा इतंजार हमसे ज्यादा कराएगा।
व्याकुलता में अपनी हमको व्याकुल कर जायेगा।
पर ये सच है की हमको आज ढँग से मिलाएगा।
आज घर पर हमारे भी चाँद जायेगा।

सरद होगी रात पर हमे बहुत लुभायेगा।
साथ साथ छत पर हमे सुलाएगा।
बीते लम्हों का शायद ही कोई पल याद आएगा।
आज घर पर हमारे भी चाँद आएगा।

तुम्हारे दांतों और तुम्हारी आँखों को चमकाएगा।
देख खिलखिलाहट हमारी आज मुस्कराएगा।
दो जिस्म एक जान की पहचान कराएगा।
आज घर पर हमारे भी चाँद आएगा।

6 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 20/10/2016
  2. premkumarjsmith premkumarjsmith 20/10/2016
  3. Manjusha Manjusha 20/10/2016
    • Prem Kumar Gautam 21/10/2016
  4. mani mani 21/10/2016
  5. Prem Kumar Gautam 21/10/2016

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