यूं चुप्पके से….सी.एम्. शर्मा (बब्बू)…

पायल की छन छन मोहब्बत की लहरें…
यूं मिल के समीर संग गुनगुनाने लगे हैं…
हिना-ए-शबाब दिल को महकाएं मेरे…
यूं चुप्पके से वो मेरे दिल में आने लगे हैं….

है हाथों में कंगन की शोभा ताबानी..
चमकती हो बिजली शाम सावन सुहानी…
कानों के बुँदे जो हिलते अदा संग…
मेरे दिल में आग वो लगाने लगे हैं…
यूं चुप्पके से वो मेरे दिल में आने लगे हैं…

लंबी चमकती ये माथे पे बिंदिया
मोहब्बत दिए की लौ बनने लगी है…
ये नैनों के परदे खुले बंद हों जब..
दिल मेरे को और भी धड़काने लगे हैं…
यूं चुप्पके से वो मेरे दिल में आने लगे हैं…

खिलता गुलाब सा ये महका बदन है…
ऋतू बसंत जैसे उसका चलन है….
चाँदनी नहाई यौवन के परिहन वो..
दिले चन्दर कलियाँ चटकाने लगे हैं…
यूं चुप्पके से वो मेरे दिल में आने लगे हैं…

मदहोश हूँ मैं ख्यालो में उसके…
यूं बिन पीये बिन पिलाये किसी के…
ज़िक्रे हर बात मेरी में आ कर वो..
चुप्पके मेरा दिल सहलाने लगे हैं…
यूं चुप्पके से वो मेरे दिल में आने लगे हैं…

आते ही उनके हैं फूल महक जाएँ..
पवन गुनगुनाये पंछी चहचहायें…
ज़मीं आसमान भी इशारों में जैसे…
मेरे दिल को उसी पे रिझाने लगे हैं….
यूं चुप्पके से वो मेरे दिल में आने लगे हैं…
\
/सी.एम्. शर्मा (बब्बू)

 

20 Comments

  1. mani mani 19/10/2016
    • babucm babucm 20/10/2016
  2. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 19/10/2016
    • babucm babucm 20/10/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 19/10/2016
    • babucm babucm 20/10/2016
  4. Kajalsoni 20/10/2016
    • babucm babucm 20/10/2016
  5. Markand Dave Markand Dave 20/10/2016
    • babucm babucm 20/10/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 20/10/2016
    • babucm babucm 20/10/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/10/2016
    • babucm babucm 20/10/2016
  8. Ritu 20/10/2016
    • babucm babucm 20/10/2016
  9. davendra87 davendra87 20/10/2016
    • babucm babucm 21/10/2016
  10. Manjusha Manjusha 20/10/2016
    • babucm babucm 21/10/2016

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