केवल आदमी

कितना अच्छा हो
आदमी –
जात-पात
धर्म-मजहब
मन्दिर-मस्जिद
आदि बंधनों से पूर्णत: मुक्त हो।

कितनाअच्छा हो
आदमी नहीं हो –
चोर-लुटेरा
खूनी-डाकू
तस्कर-हत्यारा
नेता अभिनेता
अमीर-गरीब
अच्छा-बुरा।

आदमी –
आदमी ही हो
तो कितना अच्छा हो
केवल आदमी।

डॉ. विवेक कुमार
तेली पाड़ा मार्ग, दुमका-814 101
(c) सर्वाधिकार सुरक्षित।

8 Comments

  1. mani mani 18/10/2016
  2. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 18/10/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/10/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/10/2016
  5. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 18/10/2016
  6. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 18/10/2016
  7. babucm babucm 18/10/2016
  8. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 18/10/2016

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