हिंदुस्तान

हिंदुस्तान
हाथ जोड़कर विनती करता हूँ मैं कृपानिधान ,
खुश रहे मेरा हिंदुस्तान ,खुश रहे मेरा हिंदुस्तान ।
आँगन में हो अमन चैन खेतों में चुनर धानी ,
हर बचपन खिल उठे बुलंदी पर हो इसकी जवानी ,
संस्कार विश्वास समर्पण की बहती हो गंगा ,
गीता और कुरान के हाथों में हो सजा तिरंगा ,
सुर कबीरा तुलसी मीरा के संग हों रसखान —–खुश रहे मेरा हिंदुस्तान ——
दहशतगर्दों की नस्लों को खाक में चलो मिलाएँ ,
नफरत की जलती ज्वाला को प्यार से अभी बुझाएँ ,
आध्यात्म ज्ञान विज्ञान योग की बरसे अमृत धारा ,
बेटी बेटा मिलकर चमकें जैसे कोई सितारा ,
कोयल मोर पपीहा करते माटी का गुणगान ——–खुश रहे मेरा हिंदुस्तान —–
अपने लहू से जिस माटी को बीरों ने है सजाया ,
विजय पताका इस त्रिभुवन में भारत का लहराया ,
कसम खा रहे भारत माँ का आन न झुकने देंगे ,
प्राण चले जाएँ फिर भी सम्मान न झुकने देंगे ,
बीर जवानों संग तुम्हारे सारा हिंदुस्तान ————खुश रहे मेरा हिंदुस्तान ————-

6 Comments

  1. mani mani 19/10/2016
    • satyadeo VISHWAKARMA satyadeo vishwakarma 19/10/2016
  2. shrija kumari shrija kumari 19/10/2016
    • satyadeo VISHWAKARMA satyadeo vishwakarma 19/10/2016
  3. Markand Dave Markand Dave 20/10/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 20/10/2016

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