बेटा बेटी में बहुत फर्क होता है

 

लोग कुछ भी कहें ,

मगर  मै यह मानती हूँ ,
कि बेटा बेटी में बहुत फर्क होता है ,
बेटी का जहाँ दिल बसता है ,
बेटे का वहाँ दिमाग चलता है।

बेटे के लिए जो होती प्रॉपर्टी ,
बेटी का मायका होता है ,
जहाँ बसी हैं मीठी यादें ,
गुड्डे गुड़ियों की बारातें।
जहाँ गुड़िया की डोली सजती थी ,
जहाँ सावन में मेहँदी रचती थी ,
जहाँ दुख सुख मिल कर बाटे उसने ,
खिलौने कितने ही छाटें उसने।

उसके लिए ही क्योंझगड़ा होता है ?
हाँ बेटा बेटी में बहुत फर्क होता है ,
बेटे के लिए जो होती प्रॉपर्टी ,
बेटी का मायका होता है।

चलो अब प्रॉपर्टी भी बाटी हमने ,
दुख सुख को कैसे बाटोगे ?
यादों को कैसे छाटोगे ?
सपने भी तो बाँट दिए अब ,
अपनों को कैसे बाटोगे ?

बेटा बेटी में बहुत फर्क होता है ,
बेटी का जहाँ दिल बसता है ,
बेटे का वहाँ दिमाग चलता है,
बेटे के लिए जो होती प्रॉपर्टी ,
बेटी का मायका होता है।

10 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 18/10/2016
    • Manjusha Manjusha 18/10/2016
  2. डॉ. विवेक डॉ. विवेक 18/10/2016
    • Manjusha Manjusha 18/10/2016
    • Manjusha Manjusha 18/10/2016
  3. mani mani 18/10/2016
    • Manjusha Manjusha 18/10/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 18/10/2016
    • Manjusha Manjusha 18/10/2016
  5. C.M. Sharma babucm 18/10/2016

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