पूरी चाँद की रात

आज पूरी चाँद की रात है। …
ए चाँद! कुछ तो तुझमे ख़ास बात है.
चाँद एक तू ही है
जो न धर्म जानता है और न जाति। ..
चाहे हो ईद , या हो पूर्णिमा
या हो करवा चौथ सबमे तेरी है पूजा की जाती।।।
तुझमें कितनो का प्रेम है बसता
तो कितनों को तुझमे अपने महबूब का चेहरा है दिखता ।
तेरी चांदनी भी थोड़ी ईर्ष्यालू है हो जाती
जब बादल तुझे अपने आगोश में है भर लेता….. !!
तुम्हारे और चकोर के अमिलन कहानी की
पूरी दुनिया है दिवानी।
चाँद तुम तो हो ही प्यारे।।
रहती है हमेशा प्यारी यादों की झालर
आँखों के पलकों के किनारे। .
आज पूरी चाँद की रात है। …
ए चाँद ! कुछ तो तुझमे ख़ास बात है. ..!!

6 Comments

  1. babucm babucm 15/10/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 16/10/2016
  3. mani mani 16/10/2016
  4. Markand Dave Markand Dave 16/10/2016
  5. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 16/10/2016
  6. Kajalsoni 17/10/2016

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