जी…………..मनिंदर सिंह “मनी”

जीवन के हर राह पर काम आता “जी”,
नाम के साथ लग मान दिलाता “जी”,
एक लफ्ज़ में सहमति जताता “जी “,
कभी ख़ुशी की हाँ बन आता “जी “,
कभी ग़मी में हामी दर्शाता “जी”,
कभी दफ्तरों में माखन लगता “जी”,
कभी हर सवाल का जवाब होता “जी”,
कभी दिल के ज्जबात दिखाता “जी”,
कभी प्यार की परिभाषा समझता “जी”,
खुद को छोटा रख कर बड़ा बनाता “जी”,
क्या रखा है “मनी” तू ता करके जीने में,
जी कहो जी सुनो जीने का सलीका सिखाता “जी”,

मनिंदर सिंह “मनी”

12 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 14/10/2016
    • mani mani 15/10/2016
  2. Markand Dave Markand Dave 14/10/2016
    • mani mani 15/10/2016
  3. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 14/10/2016
    • mani mani 15/10/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/10/2016
    • mani mani 15/10/2016
  5. Manjusha Manjusha 14/10/2016
    • mani mani 15/10/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena Bhardwaj 15/10/2016
    • mani mani 18/10/2016

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