जिंदगी

 

फेसबुक पे रोज मित्र भेजते हैं सूविचार
जिंदगी का टाॅपिक होता है बार बार शिकार

एक ने कहा-
जिंदगी पल पल ढलती है, रेत सी फिसलती है
एक बार ही मिलती है
तो हंस कर जियो ये जिंदगी

दुसरे ने कहा-
न किसी के प्रभाव में जियो, न किसी के अभाव में जियो
जिंदगी अापकी है
तो इसे अपने स्वभाव में जियो

कोई कहे उम्र के संग ढलती है जिंदगी
कोई कहे वक्त संग सबक सिखाये जिंदगी

सूरज नहीं है कि शाम में  ढल जाए जिंदगी
टीचर नहीं  है कि सबक सिखाए जिंदगी

हम खुश होते हैं तो कहते हैं जन्नत जिंदगी
नाराज होते हैं तो कहते हैं जहन्नुम जिंदगी

जिंदगी  तो हमारे संग ही धरा पे अाई है
हर छन, हर पल हमारा साथ निभाई है

कोई अौर नहीं हमारी साँसें ही हैं जिंदगी
हम खुद से ही बिगाडते और बनाते हैं जिंदगी

पर हम मानव अपने स्वार्थ में जीते हैं
और अपने स्वार्थ पे ही मरते हैं

अगर कुछ बुरा हो तो कहते हैं
बहुत बूरी है जिंदगी

अगर कुछ अच्छा हो तो कहते हैं
मेरी खासियत है
कि मैं जीना सीख गया हुॅ जिंदगी

Posted by – Tishu Singh

13 Comments

    • Tishu Singh Tishu Singh 28/09/2016
  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 27/09/2016
  2. Shradha 27/09/2016
  3. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 27/09/2016
  4. mani mani 27/09/2016
  5. C.M. Sharma babucm 27/09/2016
    • Tishu Singh Tishu Singh 28/09/2016

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