३१. तुमको महोब्बत वापस…………..“मनोज कुमार”

तुमको महोब्बत वापस लाकर रहेगी
गुल फिर खिलायेगी मिलाके रहेगी

हमको भूलकर खुश तुम रहना सकोगे
तुमको तो विरह मेरी रुलाती रहेगी

जी ना सकोगे हाँ तुम सो ना सकोगे
तुमको तो मेरी याद जगाती रहेगी

कैसे रहोगे तुम जुदा मुझसे होकर
तुम्हें खुशबू मेरी तड़पाती रहेगी

मन की तरंग तेरी रोक नही पायेगी
रह रह क मेरी और रिझाती रहेगी

कशिश मेरे होठों की भूल नही पाओगे
जायेगी ये बोझ बन तुम्हें प्यास रहेगी

सपने दिखाके ना फिर नजरें मिलाओगे
उठेगी नजर ना फिर गिरती रहेगी

जहाँ तुम जाओगे वहीं मुझे पाओगे
सजनी ये पहचान ही कराके रहेगी

“मनोज” तुम्हें आना फिर आना पड़ेगा
अपनी दिल्लगी थोड़ी इज्जत तो रहेगी

“मनोज कुमार”

14 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 26/09/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 26/09/2016
  2. C.M. Sharma babucm 26/09/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 26/09/2016
  3. mani mani 26/09/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 26/09/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 26/09/2016
  4. Kajalsoni 26/09/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 26/09/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 26/09/2016
  5. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 26/09/2016
    • MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 26/09/2016

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