वीर तूझे आना होगा

~~~~~वीर तूझे आना होगा~~~~~

स्वदेश में वीरों तूम्हे
तत्क्षण पुनः आना होगा
कारण ना पूछना यदि हो,
ना ही कोई बहाना होगा |
वीर तूझे आना होगा!!!
सिरमौर जननी के दृढ प्रतिज्ञ
शोणित यहाँ बहाना होगा!
रक्त- रंजित मेदिनी पडी
हर व्यथा-कथा मिटाना होगा |
वीर तूझे आना होगा !!!
क्षण बहुत अधिक व्यतित हुए
अब देख, देर ना लगाना होगा
पथ कंटक प्राणी पीडित हुए
सह्रदयता लाना होगा !
वीर तूझे आना होगा !!!
शासक , शासन को भूल रहे
रक्षक, भक्षक हो लूट रहे,
पुष्पित पल्लवित जीवन कहाँ;
स्वदेशी घुट रही जहाँ;
हे व्रती ! हर द्रोही को
पूर्ण कर्तव्य – फल दिलाना होगा
हैं बहुत प्रबुद्ध जन , लड़ रहे,
वीर तूझे आना होगा ,
वीर तूझे आना होगा !!!

अखंड भारत अमर रहे
जय हिन्द!!!

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3 Comments

  1. आनन्द कुमार ANAND KUMAR 25/09/2016
  2. कवि मनोरथ लाल 26/09/2016

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