अकेलापन (बातें)

जब कभी मैं अकेलापन महसूस करता हूँ,
बस पुराने दिनों को याद किया करता हूँ,
याद किया करता हूँ उन दिनों को,
जो मेरी जिन्दगी के हसीन दिन थे,
वो भी क्या दिन थे, जब हम साथ हुआ करते थे,
अब तो आलम कुछ ऐसा है के,
भीड़ में भी तन्हा महसूस करता हूँ,
याद आते है वो पल, जब कभी मैं खुल के मुस्कुराया था,
याद आती है दोस्तों की वो पुरानी बातें,
वो बेमतलब की बातें,
जिन्हें करने में हम घंटो लगा देते थे,
जो बातें हमारी पढाई से भी ज्यादा जरूरी थी,
जिन्हें करने में हम खाना खाना तक भूल जाते थे,
याद आती है अब भी वो बातें…
शीतलेश थुल !!

12 Comments

    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 24/09/2016
  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 24/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 24/09/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 24/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 24/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 24/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 24/09/2016
  4. Kajalsoni 24/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 24/09/2016
  5. C.M. Sharma babucm 24/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 25/09/2016

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