कसक तुम्हारे प्यार की

संग संग यूँ चलूँ तेरे बन जाऊं तुम्हारी मै परछाई

प्रीत तुम्ही से हर गीत तुम्ही से

तुम ही हो मेरी ज़िन्दगी के सौदाई

हाथ मेरा यूँही थामे रखना जब भी सुबहें ले अंगडाई

निगोड़ी रातें भी है कटती नहीं याद तुम्हारी जब जब आई

पूछे ये छन-छन करती पायल मुझसे

ये नींद तुम्हारी है किसने चुराई

शर्मा गयी झुक गयी नजरें मेरी

दिल में था नाम तुम्हारा पर बात लबों पे वो कहाँ आई…………

16 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 22/09/2016
    • shrija kumari shrija kumari 22/09/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 22/09/2016
    • shrija kumari shrija kumari 22/09/2016
  3. babucm babucm 22/09/2016
    • shrija kumari shrija kumari 22/09/2016
  4. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 22/09/2016
    • shrija kumari shrija kumari 22/09/2016
  5. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 22/09/2016
    • shrija kumari shrija kumari 23/09/2016
  6. Kajalsoni 22/09/2016
    • shrija kumari shrija kumari 23/09/2016
    • shrija kumari shrija kumari 23/09/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 22/09/2016
    • shrija kumari shrija kumari 23/09/2016

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