राज़

sheetduriya

फकत एक राज़ छिपा बैठा है, तेरे मेरे दरमियान,
जो बड़ी ख़ामोशी से बढ़ा रहा है, तेरे मेरे दूरियाँ,
ना जानू ना मैं, ना जाने ना तू,
आखिर कैसी है ये, तेरी मेरी मजबूरिया…

शीतलेश थुल 

12 Comments

  1. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 21/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 21/09/2016
  2. shrija kumari shrija kumari 21/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 21/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 21/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 21/09/2016
  4. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 22/09/2016
  5. Markand Dave Markand Dave 23/09/2016
    • शीतलेश थुल शीतलेश थुल 24/09/2016

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