हसरतें बारिश की बूंद

 

 

हसरतों के नाम
बन बारिश की बूँद…
काश कही से
आ जाते तुम
तो बारिश की बूँद
की तरह,
मन को दे जाते
तसल्ली
तपती रेत पर
ठंडी बौछार की तरह।
लो अब तो बारिश का
मोसम भी आ गया
पर तुम्हारा कोई पता नहीं,
अनजानी इस राह में
मेरा कोई हमसफ़र नहीं
कैसे बुलाऊँ तुमको
खुद से मिलने,
जब मुझे खुद
तुम्हारा पता नहीं।

 

कपिल जैन

7 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 21/09/2016
  2. babucm babucm 21/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 21/09/2016
  4. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 21/09/2016
  5. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 21/09/2016
  6. Kajalsoni 21/09/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 21/09/2016