तेरी तस्वीर

तेरी तस्वीर

 

टूटे-फुटे से

जर्जर पुराने फ्रेम में

तेरी तस्वीर न जाने

कहां लुप्त हो गई।

शायद धूल ने

इसे ढांप लिया

या फिर खुद फ्रेम ने

चेहरा ये बदल दिया

मिट्टी होकर रह गई

तेरी अतीत वाली

वो तस्वीर

धंूधली पड़ गई

जो सजाई थी मैंने

नये काठ के फ्रेम में

तेरी नये जमाने की

वो नई तस्वीर।

-ः0ः-

 

 

2 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 20/09/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 20/09/2016

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