दिल

भगवान ने जब हमें यह जिस्म दिया,
तो अधिकतर सब कुछ जोड़े में दिया,
लेकिन दिल इंसान को एक ही दिया,
इसमें जज्वात दिए, भावनाएं भी थी,
साथ ही ये वरदान दिया,
जब तक ये दिल चलेगा,
इंसान भी चलता रहेगा,
पूरे शरीर का कंट्रोल,
इस दिल से ही रहेगा,
लेकिन भगवान को ये मालूम न था,
इंसान ही इंसान के दिल को तोड़ेगा,
जज्वातों की कोई कद्र न होगी,
इंसानी भावनाओं से खेलेगा,
शस्त्रों का प्रयोग नहीं,
शब्दों का प्रहार करेगा,
गोली दिल पर नहीं लगेगी,
फिर भी दिल छलनी होएगा,
कानून के दायरे में रहकर भी,
इंसानी जज्वातों का खून करेगा,
क्योंकि शस्त्रों से नहीं इंसान,
हृदय गति रूकने से मरेगा।।
By:Dr Swati Gupta

7 Comments

  1. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 19/09/2016
  2. Kajalsoni 19/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 19/09/2016
  3. C.M. Sharma babucm 19/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 19/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 19/09/2016

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