आया नया विहान (डॉ. विवेक कुमार)

राम राज सा धरा-धाम हो
कान्हा का रंग-रास,
डाल-डाल पर फूल खिले
रहे सदा मधुमास।

राग-द्वेष-घृणा हटे
बहे प्रेम की गंगा,
रहे नहीं अवसाद धरा में
मन हो सबका चंगा।

निर्भय हो जन-जन का मन
बढ़े देश की शान,
दरवाजे पर दस्तक देने
आया नया विहान। डॉ. विवेक कुमार
तेली पाड़ा मार्ग, दुमका-814 101
(c) सर्वाधिकार सुरक्षित।

11 Comments

  1. Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma 19/09/2016
  2. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 19/09/2016
  3. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 19/09/2016
  4. Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 19/09/2016
  5. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 19/09/2016
  6. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 19/09/2016
  7. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 19/09/2016
  8. Kajalsoni 19/09/2016
  9. babucm babucm 19/09/2016
  10. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 19/09/2016
  11. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 19/09/2016

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