में तेरा शायर

तु मेरी शायरी में तेरा शायर

कभी मुँहसे ग़ज़ल निकली

कभी मुँह से गीत निकला

ये है इश्क की कहानी ऐसा गीत निकला

 

 

दिल मेरा बिखर कर-तुट कर गा रहा है

इश्क कितना है तुझे बत्ला रहा है

तेरे प्यार की बातें से में एक शायर मीत निकला

ये है इश्क की कहानी ऐसा गीत निकला

 

तु मेरी शायरी में तेरा शायर

कभी मुँह से ग़ज़ल निकली

कभी मुँह से गीत निकला

ये है इश्क की कहानी ऐसा गीत निकला

 

 

 

खुद की कलम से लिखी मेरे प्यार की कहानी

लिखते लिखते ही भर गया मेरी आँखों में ये पानी

मैंने देखा है पलकोंं से पनाहों में तेरा ख्वाब आ निकला

ये है इश्क की कहानी ऐसा गीत निकला

 

 

 

तु मेरी शायरी में तेरा शायर

कभी मुँह से ग़ज़ल निकली

कभी मुँह से गीत निकला

ये है इश्क की कहानी ऐसा गीत निकला

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