लकीरें ।

हाथ की लकीरें, आमादा हो गई मिटने पर,
ग़मजदा है वो भी, मुक़द्दर की बेरूख़ी पर…!

आमादा = तत्पर;

ग़मजदा = व्यथित;

मुक़द्दर = नसीब;

बेरूख़ी = खुन्नस;

मार्कण्ड दवे । दिनांकः १२ सप्टेम्बर २०१६.

lakiren

4 Comments

  1. Kajalsoni 18/09/2016
    • Markand Dave Markand Dave 19/09/2016
  2. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 18/09/2016
    • Markand Dave Markand Dave 19/09/2016

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