पादप फल पड़ा

आँख से आँसू खुशी का ढल पड़ा।
बाप के कदमों पे बेटा चल पड़ा।।
कारवाँ किस घाट पर लेगा पनाह,
ये नया अरमान दिल में पल पड़ा।।
ख्वाहिशें दर ख्वाहिशें हैं बेशुमार,
भाग्य पथ का एक पादप फल पड़ा।।
स्वप्न पूरे हों कहाँ सबका नसीब,
शीश पर का भार सारा गल पड़ा।।
लग नहीं जाये नजर उसको कहीं,
खौफ से मस्तक पे मेरे बल पड़ा।।
आप भी चाहो तो प्रभु से माँग लो,
चमक जाएगा सितारा डल(dull) पड़ा।।

4 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 17/09/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 17/09/2016

Leave a Reply