“एक खत 11″…….काजल सोनी

प्रेमी –
जी चाहता है तुझसे तेरे गम चुरा लू ,
तेरी बहती हुई आँखों में खुद को डुबा लू।
हर गम से सदा तू आबाद रहे ,
बस खुशियां ही खुशियां तेरे साथ रहे।
दे न सका इस जिंदगी में न कुछ तुझे ,
बस माँगता हूँ ,
मिल जाये तेरे सारे गम आज मुझे ।।

प्रेमिका –
तेरी चाहत में मुझे तेरे गम भी प्यारे लगते हैं ,
मत छीनना इन्हें तुम मुझसे ,
अब यही तो जीने के सहारे लगते हैं ।
क्या करुंगी इन खुशियों का मै,
जो तेरे साथ नहीं ।
सुखी सी पङी है मेरी जिंदगी ,
तेरे बिन तो, मौसमों में भी बरसात नहीं ।।

“काजल सोनी “

16 Comments

    • Kajalsoni 19/09/2016
  1. MANOJ KUMAR MANOJ KUMAR 18/09/2016
    • Kajalsoni 19/09/2016
  2. कपिल जैन कपिल जैन 19/09/2016
    • Kajalsoni 19/09/2016
  3. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 19/09/2016
    • Kajalsoni 19/09/2016
  4. C.M. Sharma babucm 19/09/2016
    • Kajalsoni 19/09/2016
  5. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 19/09/2016
    • Kajalsoni 19/09/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 19/09/2016
    • Kajalsoni 19/09/2016
  7. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 20/09/2016
  8. Kajalsoni 20/09/2016

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