देखो रेलगाड़ी………मनिंदर सिंह “मनी”

छुक छुक,
करती आ रही,
देखो रेल गाड़ी,
कितनी तेजी से,
दौड़ती आ रही,
देखो रेल गाड़ी,
दूर से ही,
जोर जोर से,
भोपू बजा रही,
देखो रेल गाड़ी,
हट जाओ,
सभी एक तरफ,
मंजिल से पहले,
ना रुकने की ठान,
चली आ रही,
देखो रेल गाड़ी,
विशाल रूप धारण कर,
अपने ही बनाये रस्ते पर,
दनदनाती भाग रही,
देखो रेल गाड़ी,
बच्चे देख,
हाथ हिलाये,
जोर- जोर से चिल्लाये,
पीछे छोड़,
सब आ रही,
देखो रेल गाड़ी,
जाने कितने लोगो को,
हर रोज,
एक जगह से,
दूसरी जगह पहुँचाती,
बिना रुके भाग रही,
देखो रेल गाड़ी,
बिना भेद भाव,
हर किसी को,
समय पर,
पंहुचा रही,
देखो रेल गाड़ी,
छोटा हो,
या कोई बड़ा,
सभी आनंदित कर रही,
देखो रेल गाड़ी,
अनजान लोगो का,
परिचय एक दूसरे से,
करवा रही,
देखो रेल गाड़ी,
बहार से देखो,
कितनी कठोर और विशाल है,
अंदर बिलकुल नर्म सा,
अहसास जगा रही,
देखो रेल गाड़ी,
जिंदगी को,
अपने अंदाज़ से,
जीने का,
सलीका सीखा रही,
देखो “मनी” रेल गाड़ी,

18 Comments

  1. C.M. Sharma babucm 16/09/2016
    • mani mani 16/09/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 16/09/2016
    • mani mani 16/09/2016
  3. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 16/09/2016
    • mani mani 16/09/2016
  4. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 16/09/2016
    • mani mani 16/09/2016
  5. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 16/09/2016
    • mani mani 16/09/2016
  6. Rajeev Gupta Rajeev Gupta 16/09/2016
    • mani mani 16/09/2016
  7. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 16/09/2016
    • mani mani 16/09/2016
  8. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 16/09/2016
  9. Kajalsoni 17/09/2016
  10. mani mani 17/09/2016

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