.. मोहोब्बत .. (विवेक बिजनोरी)

ना जाने क्यूँ दिल आज भी उसी का इन्तजार करता है,

एक वो है जो इस दिल को रुसवा हर बार करता है

वो नस्तर चलाता है क्या खूब इस दिल पे,

ना जाने क्यूँ दिल फिर भी उसी से प्यार करता है

 

एक वो है जो इस दिल को रुसवा हर बार करता है…

 

हर एक वादे पे उसके दिल क्यूँ इतवार करता है,

क्यूँ सजदा उसे एक नहीं सो बार करता है

यकीं नहीं होता ये ऐसा खेल है सब मोहोब्बत का,

वो तड़फता है दिल को बेक़रार करता है

 

ना जाने क्यूँ दिल फिर भी उसी से प्यार करता है…

 

 

विवेक कुमार शर्मा

6 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 15/09/2016
    • Vivek Sharma vivekinfotrend 21/09/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 15/09/2016
    • Vivek Sharma vivekinfotrend 21/09/2016
  3. C.M. Sharma babucm 15/09/2016
    • Vivek Sharma vivekinfotrend 21/09/2016

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