आईनें की धड़कन – बी पी शर्मा बिन्दु

ये आईनें जो तुम्हें पसंद करते हैं
कभी-कभी वो तुम्हें तंग करते हैं।
अब आईनें की बात मत किया करो
बड़ी हसीन है दिल में बंद रखती हैं।
सर्व कीजिए  धड़कते दिल को रोक लीजिए
वर्ना फिसल जायेंगें हाथ से निकल जायेंगे।
आपके लिए हैं जो हौसला बुलंद रखते हैं
ये आईनें जो तुम्हें पसंद करते हैं
कभी-कभी वो तुम्हें तंग करते हैं।
वाह रे आईने की मर्दानगी
माननी पड़ेगी इनकी नादानगी।
टूटे दिल को जोड़ देती है ये आईना
आपसे लेती नहीं सब कुछ छोड़ देती है।
रूलाती है हंसाती है गुस्से में भी आती है
इसलिए तो ये तुमसे खुली जंग करते हैं।
ये आईनें जो तुम्हें पसंद करते हैं
कभी-कभी वोए तुम्हें तंग करते हैं।
इनके धड़कनों को आप नहीं पहचानेंगे
क्या है खूबी इनका आप नहीं जानेंगे।
ये सपनों की दुनियॉ को भंग करते हैं
कभी-कभी वोए तुम्हें तंग करते हैं।

Writer             Bindeshwar Prasad Sharma (Bindu)

D/O Birth      10.10.1963

Shivpuri jamuni chack Barh RS Patna (Bihar)

Pin Code       803214
Mobile No.   9661065930

10 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 16/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 16/09/2016
  2. Kajalsoni 14/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 16/09/2016
  3. C.M. Sharma babucm 14/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 16/09/2016
  4. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 15/09/2016
    • Bindeshwar prasad sharma Bindeshwar prasad sharma (bindu) 16/09/2016

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