“पानी”

जीव उत्पति का कारक है पानी ।
पंचभूत का आधार है पानी ।।

इन्सान की आँखों की लाज है पानी ।
जीवों की प्यास बुझाता है पानी ।।

तोड़ दे अपने बांध तो विनाश है पानी ।
कहीं आग बुझाता है तो कहीं आग लगाता है पानी ।।

“मीना भारद्वाज”

11 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
    • Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 14/09/2016
  2. C.M. Sharma babucm 14/09/2016
  3. C.M. Sharma babucm 14/09/2016
    • Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 14/09/2016
  4. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 14/09/2016
  5. Kajalsoni 14/09/2016
    • Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 14/09/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/09/2016
  7. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 14/09/2016

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