मैं हिंदी भाषा…………..वर्ण पिरामिड ……….(डी के निवातियाँ )

मैं
हिंदी
भाषा हूँ
दुनिया में
मेरी अपनी
एक पहचान
भारतीय होने का
मुझको सदैव गर्व
हूँ हिंदुस्तान की मैं जान ।।

हाँ
कुछ
व्यक्ति
इस शंका
में रहते है
की मेरा वर्चस्व
हो रहा अब कम
मगर जान लो आप
ये उनके मन का भ्रम ।।

ना
आँको
मुझको
तुम कम
मेरी कल भी
थी एक पहचान
सौम्य और संस्कार की
भावनाओ का हूँ भण्डार।।

जो
तुम
समझो
चाहे कुछ
अपने मन
मगर मेरा तो
ये जन गण मन
मिठास से परिपूर्ण
मृदु वाणी है पहचान ।।

जो
मुझे
चौदह
सितंबर
को करे याद
क्या शेष दिवस
नहीं अपनाते वो
जीवन में ये जुबान
हैं खुद से वो अनजान ।।

ले
प्रण
जग में
मिलकर
हम ये आज
हिंदी रहे सदा
हमारी पहचान
हिंदी को अपनाकर
देश का बढ़ाये सम्मान ।।



डी. के. निवातियाँ_____???

16 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 14/09/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
  2. C.M. Sharma babucm 14/09/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
  3. Rajeev Gupta RAJEEV GUPTA 14/09/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
  4. कुशवाह विकास कुशवाह विकास ( दिनेश ) 14/09/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
  5. Kajalsoni 14/09/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 14/09/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016
  7. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/09/2016
    • डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 14/09/2016

Leave a Reply