हायकू

1.
छिटक गए
वक्त की दराज से
यादों के लम्हें
2.
लाती दूरियां
मजबूरियां नही
कमजोरिया
3.
तृप्त मन की
सराबोर तन की
बूँदें नभ की
4.
जीवन भर
थकी ना जरुरतें
थका जीवन
5.
आराम नही
आयाम बहुत हैं
इस जीवन
6.
सुकुं के पल
जीवन आपाधापी
ढूँढता मन
7.
करो कदर
भले बूरे वक्त की
नही उमर
8.
है जिजीविषा
मकड़ी का संघर्ष
पाना उत्कर्ष
9.
उग आये हैं
वक्त की देहरी पे
यादों के कांटे
10.
बीती बातों से
अनवरत चुभे
यादों के दंश
11.
छिड़क रहे
वक्त की दराज पे
सासों के छिटे
12.
तमाम उम्र
तन्हाईयों के तले
टुटा सा तारा

13
कर संघर्ष
जीवन संजीवनी
मनाओ हर्ष
14
होनी का लिखा
अनहोनी मे दिखा
भाग्य का लिखा
15
उगता सुर्य
करता है निहाल
छाया प्रकाश
16
जीवन मृत्यु
डर डर के जीते
शाश्वत सत्य
17
स्त्री व पुरुष
अनुपात अन्तर
घोर सकंट

18
एक पहेली
बुझ बुझ के हारी
ये जिन्दगानी
19
होता समय
बलवान ही नही
गमसार भी

20
अपनी रौ मे
जिन्दगी जैसे बहे
बहो उन्मुक्त

21
चलते साथ
जलते अरमान.
कैसा सफ़र

22

बहती आखॆं
सिसक सिसक के
जिद्दी ख्वाहिशें

23

ख़ामोश लब्ज़
है जिस्म में गूंजती
गरीबी व्यथा

24

ज़िन्दगी जुदा
खुदगर्ज फिजा से
है जर्रा जर्रा

25

लगाते सेन्ध
खुशी के शहर मे
मायुस पल

26

ख़ामोश लब्ज़
है गूंजती व्यथाएँ
सहता दिल

27

रह रह के
दे दस्तक दूरिंया
ठहरे वक्त

28

रुका रुका सा
कल कल करता
है लम्हा लम्हा

29

साहिल शाम
है संजीदा करता
डुबता सूर्य

30

जुदा ज़िन्दगी
मझधार में पड़ी
मौत से पूरी

31
बनाते घर
खुशी के शहर मे
मायुस पल

 

 

कपिल जैन

4 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 14/09/2016
    • कपिल जैन कपिल जैन 14/09/2016
  2. Kajalsoni 14/09/2016

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