बेजुबान (on Bakra Eid krbaani innocent Bakra )

— तुम सब खुश हो बहुत की में बेजुबान हूँ यहाँ
तुम्हारा न सही , पर दिल बेचैन है बड़ा मेरा भी यहाँ
तुमने बनाया एक रिवाज़ को इबाबत का जरिया
मुझे बड़े शौक से कुचल दिया किया टुकड़ा टुकड़ा

मुझे भी कुछ पल जीना था उस सुकून भरी गौदी में कही
मुझे भी कहना था रुक कर मेरे अपनों को अलविदा …
मुझे भी माँ की आँखों में भरे आंसू को पोछना था अभी
मुझे भी अपने यारो से मिलकर होना था जुदा……

मेरी छोटी सी खुशनुमा सी जिंदगी थी बड़ी …
मेरी आँखों में बसा ख़ूबसूरत सपनो का जाहां…
तुमने तो मुझे मार कर खुश किया ख़ुदा को कही
मेरा तोह रहनुमा मुझ से खफा है बड़ा ……..!!!!!

7 Comments

  1. कमल "बिजनौरी" कमल "बिजनौरी" 12/09/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/09/2016
  3. Kajalsoni 12/09/2016
  4. babucm babucm 12/09/2016
  5. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/09/2016
  6. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/09/2016

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