राधा-मोहन…सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…….

यह प्रीत का जादू ऐसा है मन हँसता है कभी रोता है…
बिन कहे मन नहीं रुकता है कहते ही चुप्प हो जाता है…
फिर मोहन भी तो मोहन है हर किसी का मन हर लेता है…..
कोई रोता ना मिलने से तो कोई रोता जब वो मिलता है….

मोहन को पाने को उद्धव सा ज्ञान धरा रह जायेगा….
प्रीत जगा ले राधा जैसी तो मोहन भागा आएगा….
यूं सृष्टि में रमा रचयेता मोहन राधा में रहता है….
बन के देख तू राधा मनवा मोहन ही तू हो जायेगा….

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/सी. एम्. शर्मा (बब्बू)…….

12 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 12/09/2016
    • babucm babucm 12/09/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/09/2016
    • babucm babucm 12/09/2016
  3. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 12/09/2016
    • babucm babucm 12/09/2016
  4. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 12/09/2016
    • babucm babucm 12/09/2016
  5. Kajalsoni 12/09/2016
    • babucm babucm 12/09/2016
  6. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/09/2016
    • babucm babucm 12/09/2016

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