भीगे सावन में – शिशिर मधुकर

तन मन धन से पूर्ण समर्पण जब ना होता जीवन में
आनन्द कभी ना मिलता हैं उन लोगों को अंतर्मन में
सारे बंधन भूलो और पड़ने दो वर्षा की बौछारो को
तब ही तुम जानोगे कैसासुख हैं इस भीगे सावन में

शिशिर मधुकर

12 Comments

  1. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 11/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/09/2016
  2. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 11/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 11/09/2016
  3. babucm babucm 12/09/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/09/2016
  5. Kajalsoni 12/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/09/2016
  6. शीतलेश थुल शीतलेश थुल 12/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/09/2016
  7. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 12/09/2016
    • Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 12/09/2016

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