दीवानी……..मनिंदर सिंह “मनी”

जुदाई तेरी,
मुझे जीने नहीं देती,
यादें तेरी,
मुझे मरने नहीं देती,
ऐ कम्भख्त,
तूने किस मोड़ पर ला छोड़ा,
मेरी मुस्कराहट,
मुझे रोने नहीं देती,
तेरे वादे,
चुभते है शूल बनकर,
ये कैसी,
दुआए दी तूने,
जो कभी पूरी नहीं होती,
लगा दिया तूने,
ये रोग कैसा,
जिसकी कोई दवा नहीं होती,
अपनों में हु,
पर अपनों से दूर हु,
सिवा तेरी यादों के,
किसी और से बात नहीं होती,
तू जहाँ भी रहे,
खुश रहे,
क्योंकि हर किसी के,
हिस्से में वफ़ा नहीं होती,
बहुत हुआ,
रोना धोना,
चल तू ना सही,
कोई और सही,
जिंदगी एक जगह,
ठहर नहीं होती,
गर रोता रहता “मनी”
तेरी यादों में डूबकर,
तो शायद,
आज उसके लफ़्ज़ों की,
दुनिया दीवानी ना होती,

18 Comments

  1. सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप सुरेन्द्र नाथ सिंह कुशक्षत्रप 10/09/2016
    • mani mani 10/09/2016
    • mani mani 10/09/2016
  2. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/09/2016
    • mani mani 10/09/2016
  3. डॉ. विवेक Dr. Vivek Kumar 10/09/2016
    • mani mani 10/09/2016
  4. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/09/2016
  5. mani mani 10/09/2016
  6. Meena Bhardwaj Meena bhardwaj 10/09/2016
    • mani mani 10/09/2016
  7. C.M. Sharma C.m sharma(babbu) 10/09/2016
    • mani mani 10/09/2016
  8. Kajalsoni 12/09/2016
    • mani mani 13/09/2016
  9. mani mani 15/09/2016

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