मेरी तम्मना (विवेक बिजनोरी)

जीना चाहो तो जीने के बहाने बहुत  हैं,
जानता हूँ आपके दीवाने बहुत हैं…
फकत एक शाम तो कभी गुजारो साथ में,
राज-ऐ-दिल हैं जो तुमको बतानें बहुत  हैं…

वक़्त तब मरहम के जैसा लगे,
साथ मेरे रात भर जब तू जगे…

थाम लेना दिल को अपने ऐ सनम,
जख्म-ऐ -दिल हैं जो तुमको दिखाने बहुत हैं…

जानता हूँ आपके दीवाने बहुत हैं…

 

 

 

7 Comments

  1. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/09/2016
  2. Vivek Sharma Vivek Sharma 10/09/2016
  3. mani mani 10/09/2016
    • Vivek Sharma vivekinfotrend 21/09/2016
    • Vivek Sharma vivekinfotrend 21/09/2016
  4. amit kumar 10/09/2016

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