ॐ गणेशयः नमः

गणपति जी हैं सबके प्यारे,
शिव गौरा के राजदुलारे,
भोली और प्यारी सी सूरत,
सवारी बने हैं उनकी, मूषक
मोदक उनको बहुत हैं भाते,
बड़े प्यार और चाव से खाते,
देवों में वह देव हमारे,
सबसे पहले उनकी पूजा करते हैं सारे,
रिद्धि सिद्धि के हैं दाता,
हम सबके वह भाग्यविधाता,
जो उनकी पूजा है करते,
गणपति उनके विघ्न है हरते,
गणेश चतुर्तिथि जब भी आये,
बड़े प्यार से सब हैं मनायें,
जिनके घर गणेशा जाते,
मंगल ही मंगल सब होता,
दुःख संताप मिटते हैं सारे।।
By:Dr Swati Gupta

12 Comments

  1. kiran kapur gulati kiran kapur gulati 10/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 12/09/2016
  2. Shishir "Madhukar" Shishir "Madhukar" 10/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 12/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 12/09/2016
  3. डी. के. निवातिया निवातियाँ डी. के. 10/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 12/09/2016
  4. C.M. Sharma C.m sharma(babbu) 10/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 12/09/2016
  5. mani mani 10/09/2016
    • Dr Swati Gupta Dr Swati Gupta 12/09/2016

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